Saturday, 8 June 2019

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नक़ल करने का फल - हिंदी कहानी - hindi story - सबसे मस्त kahani

Hindi bodh kahani mast kahani jo apke dil aur dimaag ko khus karde. Sabse achhi aur majedar kahani jo padhne me maja aaye aur mud ko thik karde. Jarur padhe ye kahani. Nakal karne ka fal - Ramlal ji ki kahani.
राम लाल एक महेनतू किसान थे. एक बार उसने अपने खेत मे कददू के बीज बोये. कुछ दिनों मे उस खेत मे बहुत अच्छे कददू के फल होने लगे बहुत ही बड़े बड़े कददू के फल और काफ़ी अच्छे फल रामलाल के खेत मे लगे. उन सभी कददू मे एक कददू बहुत बड़ा और मस्त था.  राम लाल ने सोचा ऐसी अदबूत चीज तो राजा को भेट देना चाहिए. 

राम लाला कददू लेकर राजा के पास गए. हाथ जोड़ कर कहा महाराज ईश्वर की कृपा से मेरे खेत मे कददू का बहुत अच्छा पाक हुआ है. उसमे से मे आपके लिए एक कददू लाया हु.  राजा ने अपनी जिंदगी मे एसा कददू कभी नहीं देखा था. उस बड़े कददू को देखके राजा बहुत ख़ुश हुए.  राजा राम लाला पर बहुत खुश हुए. उस  राजा ख़ुश होकर राम लाला को सोना माहोरे की गाथरी देदी 

राम लाला को बहुत अच्छा लगा. राम लाल बहुत ख़ुश हुए.  राम लाल को अपनी जिंगदी मे पहली बार बड़ा इनाम मिला था. राम लाल घर पे आपके सोना माहोरे गिनने लगे पुरे एक हजार थे 

राम लाल के पडोसी सोहन लाल ये बात जानकर बहुत जलने लगा उसके मन मे क्रोध और इरसा से जलन उठ ने लगी.  मेरा बेटा राम लाल  रातो रात धनवान हो गया 
मुझे भी कुछ करना पड़ेगा. 

ये सोच कर उसने उसकी काबत से एक हार निकला.  वो  हार मोतीओ का हार था बहुत कीमती था.  सोहन लाल को ये लगा की ये हार मे राजा को दुगा उसके बदले राजा मुझे बहुत बड़ा इनाम देंगे. ये सोच कर सोहन लाल हस्ते हस्ते राजा के पास गया . 

खूब सूरत चमकते मोती का हार देखके शोकिन राजा बहुत ख़ुश हुए. और सोहन लाल को  कोई योग्य चीज देने का सोचा सोहन लाल तो पहले से धनवान है. उसको धन दौलत अपना ठीक नहीं.  उसे ऐसी चीज दी जाए जो उसे जिंदगी भर याद रहे. राजा को वो कददू का बड़ा फल याद आया राजा ने सोहन लाल को वो कददू दे दिया 

लोभी और इरसालू सोहन लाल का बुरा हाल होगया. गुस्से से उसकी हालत ख़राब होगयी. कददू लेकर वो घर पहुचे. ये देख कर सोहन लाल की पत्नी और उसके बच्चे हसने लगे. उसकी पत्नी बोली ये कददू दूसरा कुछ नहीं आपके अभिसय और इरसा का फल है.

बौध = लोभ और इरसा बड़े दूरगुण है.  किसी की नक़ल करने से नुकसान भुगत ना पड़ता है.